Thursday, July 14, 2016

तकनीकी खामी के चलते राजनेट बने तम्बूरे



बाड़मेर ! सरकार ने जहां लाखो रूपये खर्च करके ग्राम पंचायतों में राजनेट लगवाए है सरकार की मंशा है की ग्राम पंचायतों को ऑनलाइन जोड़ा जाए और ग्राम पंचायतों में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग सहित कई तरह की सुविधा मिल सके सरकार की मंशा साफ़ और नेक है लेकिन  दूसरी तरह टेंडर कम्पनी की लापरवाही के कारण ग्राम पंचायतों में लगे राजनेट से तकनिकी खामी की लगातार शिकायतें आ रही है जिसके चलते लाखो रूपये खर्च कर लगाए गए राजनेट तम्बूरे साबित हो रहे है जिले के सैकड़ो ग्राम पंचायतों में राजनेट के कनेक्सन लग चुके है और कई ग्राम पंचायतों में राजनेट के कनेक्सन  लगवाने की तैयारी चल रही है लेकिन चंद ग्राम पंचायतों को छोड़ दे तो कही पर भी राजनेट के कनेक्सन सही काम नहीं कर  रहे है कही पर कनेक्सन की समस्या आ रही है तो कही पर कनेक्टिविटी की वही कुछ ग्राम पंचायतों में तो हाल और भी ज्यादा बुरा है वहां पर राजनेट के कनेक्सन का सामन तो आ गया लेकिन जिस कम्पनी को राजनेट लगाने का टेंडर मिला है वो उस कनेक्सन को इंस्टॉल नहीं कर रही है जिसके कारण लाखो रूपये की सामग्री धुल फांक रही है 

12 बजे के बाद नहीं चलता राजनेट  

राजनेट नहीं चलने की आ रही शिकायतों की जब डेजर्ट मूवमेंट ने पड़ताल की तो सामने आया की अधिकांश  ग्राम पंचायतों में  दोपहर 12  बजे के बाद राजनेट नहीं चलता और कोई भी काम नहीं होता वही कई ग्राम पंचायतों से ये शिकायत आई की राजनेट बिल्कुल कार्य नहीं करता 

यह है योजना
योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर स्थित अटल सेवा केन्द्रों पर कमरे में कुल सात प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। छत पर एक छतरी तथा कमरे में कुछ उपकरण लगाए गए हैं। इन सात प्वाइंट के माध्यम से दो ई-मित्र, दो आधार कार्ड, एक मनरेगा व दो वीसी सैट के प्वाइंट सैट किए गए हैं। जिससे अटल सेवा केन्द्र में सीधे जयपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंस हो सकेगी। भामाशाह, आधार कार्ड, राशन कार्ड बनाने जैसी सुविधा भी इन उपकरणों से मिल पाएगी।

नहीं मिल रहा लाभ

योजना शुरू होने के बाद ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी व उनका लाभ ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ही मिल सकेगा। उन्हें तहसील, पंचायत समिति व जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, लेकिन कई ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर अभी तक ये सुविधा शुरू नहीं होने से ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।